सोमवार, 29 दिसंबर 2008

मेरे कुरते का टूटा बटन...खोजती अपनी अँगुलियों के साथ ..

मेरे कुरते का टूटा बटन ... नरेन्द्र गौड़,की ये कविता मेरी डायरी मैं सुरक्षित रही जो अपनी बानगी,सम्प्रेश्निय्ता मैं इतनी सरल और अद्भुत है की अभिव्यक्ति के अर्थों मैं भी द्रवित करती है और एक भाव कवि के दुःख मैं आपको साझा करता है ये दुःख आपको जिलाता है जिसके सुख से भी आप रोमांचित हुए बिना नही रह पायेंगे...ये भोपाल से प्रकाशित साक्षात्कार पत्रिका के फरवरी ९७ अंक में प्रकाशित हुई थी,इसी क्रम मैं एक और सुंदर कविता है ...जिसे फिर कभी......

मेरे कुरते का,टूटा बटन

टांकने के लिए आख़िर उसे

सुई धागा नही मिला

समय नही ठहरा,कुरते के टूटे बटन के लिए

अपनी जगह रही मेरी तसल्ली,

सुई धागा,तलाशती वह,

गहरे संताप मैं वहीँ छूट गई,

बिना बटन के ही

वो कुर्ता पहना, पहना इतना,

आगे पहनने लायक नही रहा

मेरे पास वोही एक कुर्ता था,

जिसकी जेब मैं तमाम दुनिया को रखे घूमता था,

रात को मेरे सीने पर वह,

सर टिकाये रहती है,

टूटा बटन खोजती,अपनी अँगुलियों के साथ,

वो शाम के रंगों की तरह था,आया और चला गया,किसको अँधेरा खोजता ,आया और चला गया,[शरद रंजन ]

7 टिप्‍पणियां:

"अर्श" ने कहा…

behatarin rachana ,bahot khub ,sparsh karne wali masum si rachana ...dhero badhai sath me nav varsh ki mangalkamana ke sath ...


arsh

dr. ashok priyaranjan ने कहा…

बहुत प्रभावशाली और यथाथॆपरक रचना है । भाव और िवचार के समन्वय ने रचना को मािमॆक बना िदया है । मैने अपने ब्लाग पर एक लेख िलखा है- आत्मिवश्वास के सहारे जीतंे िजंदगी की जंग-समय हो पढें और प्रितिक्रया भी दें-

http://www.ashokvichar.blogspot.com

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत ही भावुक कविता.....
धन्यवाद

विनय ने कहा…

बहुत उम्दा भावविभोर करने वाली सुन्दर कविता!

शिवराज गूजर. ने कहा…

रात को मेरे सीने पर वह,

सर टिकाये रहती है,

टूटा बटन खोजती,अपनी अँगुलियों के साथ,
bahut hi badiya. ek dil chho lene wali rachana padvane ke liye aabhar.

Bahadur Patel ने कहा…

narendra goud shajapur ke rahane wale hai. ve achchhe kavi hain.
aapane kavita padhawai dhanywaad.
unaka mob. no.-09826548961

bhoothnath(नहीं भाई राजीव थेपडा) ने कहा…

सचमुच मेरी पढ़ी गयीं अच्छी कविताओं में ये भी शुमार हो गयीं....लेखक के साथ-साथ इसे पढ़वाने के लिए आपको भी बधाई....!!